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Sunday, April 25, 2010

हृषिकेश सुलभ को इंदु शर्मा कथा सम्मान

वर्ष 2010 के लिए अंतर्राष्ट्रीय इंदु शर्मा कथा सम्मान कहानीकार और नाटककार-रंगचि‍न्‍तक हृषीकेश सुलभ को राजकमल प्रकाशन से 2009 में प्रकाशित उनके कहानी संग्रह वसंत के हत्यारे पर देने का निर्णय लिया गया है। इस सम्मान के अन्तर्गत दिल्ली-लंदन-दिल्ली का आने-जाने का हवाई यात्रा का टिकट (एअर इंडिया द्वारा प्रायोजित) एअरपोर्ट टैक्स़, इंगलैंड के लिए वीसा शुल्क़, एक शील्ड, शॉल, लंदन में एक सप्ताह तक रहने की सुविधा तथा लंदन के खास-खास दर्शनीय स्थलों का भ्रमण आदि शामिल होंगे। यह सम्मान श्री हृषीकेश सुलभ को लंदन के हाउस ऑफ कॉमन्स में 08 जुलाई 2010 की शाम को एक भव्य आयोजन में प्रदान किया जायेगा। सम्‍मान समारोह में भारत और विदेशों में रचे जा रहे साहित्‍य पर गंभीर चिंतन भी किया जायेगा। 15 फ़रवरी 1955 को बिहार के सि‍वान जि‍ले के लहेजी गाँव में जनमे कथाकार, नाटककार, रंग-चि‍न्‍तक हृषीकेश सुलभ की विगत तीन दशकों से कथा-लेखन, नाट्‌य-लेखन, रंगकर्म के साथ-साथ सांस्कृतिक आन्दोलनों में सक्रिय भागीदारी रही है। आपके कहानी संग्रह ‘बसंत के हत्‍यारे’, ‘तूती की आवाज़’, ‘बँधा है काल’, ‘वधस्थल से छलाँग’ और ‘पत्थरकट’ प्रकाशित हैं। रंगचि‍न्‍तन की पुस्‍तक ‘रंगमंच का जनतंत्र’ के अलावा तीन मौलि‍क नाटक ‘अमली’, ‘बटोही’ और ‘धरती आबा’ तथा संस्‍कृत नाटक मृच्‍छकटि‍क की पुनर्रचना ‘माटीगाड़ी’ और रेणु के उपन्‍यास ‘मैला आंचल’ का नाटयान्‍तर प्रका‍शि‍त हैं।

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